HomeFounder Storiesसहारनपुर के आकाश पंडित ने बढ़ाया जनसेवा का परचम – मिला ‘बेस्ट...

सहारनपुर के आकाश पंडित ने बढ़ाया जनसेवा का परचम – मिला ‘बेस्ट यूथ ऑफ सोशल एक्टिविटीज़’ अवार्ड

- Advertisement -spot_img

सहारनपुर। जनसेवा की भावना से ओतप्रोत सहारनपुर के युवा आकाश पंडित ने आज अपने कार्यों से न केवल अपने शहर बल्कि पूरे उत्तर भारत का नाम रोशन किया है। समाजसेवा के क्षेत्र में उनके अनवरत प्रयासों और युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए उन्हें हाल ही में फ्यूचर ब्राइट संस्था द्वारा ‘बेस्ट यूथ ऑफ सोशल एक्टिविटीज़’ सम्मान से सम्मानित किया गया है।

आकाश पंडित ‘सर्व युवा शक्ति भारत संगठन’ के संरक्षक हैं – जो आज युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने में अग्रणी संगठन बन चुका है। इस संगठन की स्थापना उन्होंने युवाओं को आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाने के उद्देश्य से की थी। आकाश का मानना है कि देश में बेरोजगारी की समस्या केवल रोजगार की कमी नहीं, बल्कि दृष्टिकोण की कमी है – हमें युवाओं को कौशल, आत्मविश्वास और सही दिशा देने की आवश्यकता है।

देहरादून के डीएवी कॉलेज से स्नातक शिक्षा प्राप्त करने वाले आकाश पंडित एक संपन्न परिवार से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन उनका मन सदैव समाजसेवा की ओर आकर्षित रहा। उनके मित्र बताते हैं कि बचपन से ही उन्हें देशभक्ति की कहानियाँ और स्वतंत्रता सेनानियों का जीवन पढ़ने का शौक था। इन्हीं प्रेरणाओं ने उन्हें जनसेवा की राह पर अग्रसर किया।

आकाश पंडित ने वर्ष 2006 में मर्चेंट नेवी में कार्य करते हुए एक सम्मानजनक करियर की शुरुआत की, परंतु देशभक्ति की भावना से प्रेरित होकर 2010 में उन्होंने विदेश की नौकरी छोड़ दी और भारत लौट आए। उस समय उन्हें ₹1,25,000 मासिक वेतन का प्रस्ताव मिला था, किंतु उन्होंने उसे ठुकरा कर राष्ट्र सेवा की राह चुनी। उसी वर्ष उन्होंने ‘सर्व युवा शक्ति संगठन’ की नींव रखी, जो आज 25 राज्यों में सक्रिय है, जिनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र प्रमुख हैं।

यह संगठन बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने, गरीब कन्याओं के विवाह कराने, नशा मुक्त भारत अभियान चलाने और नकली दवाइयों के विरुद्ध जनजागरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में संलग्न है। कोरोना काल में भी आकाश पंडित ने कोरोना योद्धा के रूप में कार्य किया – उन्होंने स्वयं सेनेटाइज मशीनें बनाकर पुलिस स्टेशनों में लगवाईं और जरूरतमंदों को निःशुल्क मास्क व भोजन उपलब्ध कराया।

हालांकि, उन्होंने कई बार यह भी बताया कि जनसेवा के मार्ग में उन्हें कठिनाइयों और विरोध का सामना करना पड़ा है। नशा माफियाओं और भ्रष्ट तत्वों ने कई बार उन्हें निशाना बनाया, परंतु उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी निष्ठा से काम जारी रखा।

आकाश पंडित का कहना है –

“मेरे जीवन का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। जब तक देश का हर युवा शिक्षित, सक्षम और स्वावलंबी नहीं होगा, तब तक सशक्त भारत का सपना अधूरा रहेगा।”

उनकी यह सोच और समर्पण आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है।
सहारनपुर के आकाश पंडित सच में नए भारत के सशक्त युवा प्रतीक हैं, जिनकी कहानी हर भारतीय युवा को अपने भीतर की शक्ति पहचानने की प्रेरणा देती है।

Stay Connected
Must Read
Related News